विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में औषधि निरीक्षक, विदिशा द्वारा पुलिस प्रशासन के समन्वय से महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। शनिवार 10 जनवरी को पुलिस थाना कोतवाली द्वारा सूचना दी गई कि एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास एविल इंजेक्शन पाए गए हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए औषधि निरीक्षक, विदिशा द्वारा तत्काल थाना कोतवाली पहुंचकर औषधि एविल इंजेक्शन को जप्त किया गया तथा नियमानुसार एक नमूना जांच हेतु औषधि प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया। पूछताछ के दौरान संदिग्ध ने अपना नाम अजय आदिवासी, पिता श्री गुड्डा आदिवासी, निवासी लालधाऊ, पूरनपुर, विदिशा बताया। जांच में यह पाया गया कि उक्त व्यक्ति के पास औषधि क्रय-विक्रय का कोई वैध लाइसेंस नहीं है। संदिग्ध ने अपने कथन में स्वीकार किया कि वह इन इंजेक्शनों का स्वयं भी उपयोग करता है तथा 50 रुपये प्रति इंजेक्शन की दर से अन्य व्यक्तियों को भी विक्रय करता था उक्त प्रकरण में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियम, 1945 के प्रावधानों के अंतर्गत विवेचना कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जिले में नशामुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
विदिशा में नशे के अवैध कारोबार पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, एविल इंजेक्शन जप्त।

