देश भर के सोशल वर्कर्स एवं समाजशास्त्र के छात्र और शिक्षाविद् पहुंचे सेवाधाम
उज्जैन। अंकितग्राम, सेवाधाम आश्रम में भारतीय शिक्षा मण्डल एवं सामाजिक कार्य विभाग सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में द्वि-दिवसीय द्वितीय इंटरनेशनल सोशल वर्कर्स कांफ्रेंस’ का शुभारंभ हो रहा है। कांफ्रंेस के अध्यक्ष भरत भाई पाटनी डीडब्लूबीडीएनसी सदस्य, साामजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत शासन, सह अध्यक्ष श्री अशोक अवस्थी, बिजनेस लीडर व वरिष्ठ समाजसेवक ने बताया कि कांफ्रेंस में विशेष अतिथिगण सुरेश चव्हाणके अध्यक्ष प्रबंध निदेशक सुदर्शन न्यूज, अनिल फिरोजिया, सांसद उज्जैन, अंकित शाह भू राजनीति विशेषज्ञ, अर्पण भारद्धाज कुलपति सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन, मुकेश पाण्डे कुलपति बुंदेलखण्ड युनिर्वसिटी, सुरेश कुमार जैन कुलपति बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल, प्रो. राकेश सिंघई कुलसचिव देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इन्दौर, प्रो. अजय राणा, महानिदेश ऐमिटी युनिर्वसिटी, ग्रेटर नोइडा, डाॅ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी मध्यक्षेत्र संयोजक भारतीय शिक्षण मण्डल, बाला कुमार थंगावेलु निदेशक सीएसआर इण्डिया हेड कोगनिजेंट, जितू भाई पटेल ‘‘गुज्जु गुरू’’, संजय राय सचिव महात्मा गांधी हरिजन सेवक संघ, नईदिल्ली, नीरज कुमार वशिष्ठ कलेक्टर पांढुरना, शुभम पाल सिंह केन्द्रिय भूजल बोर्ड, जलशक्ति मंत्रालय, हैदराबाद, डाॅ. देबायन सरकार इंचार्ज ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र सहित प्रतिष्ठित समाजसेवी, शिक्षाविद्, दार्शनिक, चिंतक, शोधार्थी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न हो रही है । संस्थाध्यक्ष डाॅ. ऋषि मोहन भटनागर, दिल्ली एवं संस्थापक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि इस कांफ्रेंस में भारत के नवनिर्माण में सामाजिक समरसता के साथ सामाजिक संगठनों एवं समाजसेवकों की भूमिकाओं पर परिचर्चा होगी एवं वंचितों के साथ पीड़ितों के लिए विशेष कार्य योजनाओं पर चिंतन, मनन के साथ विशेष रूप से समाजसेवकों के विविध क्षेत्रों में योगदान, उनकी सामाजिक पारिवारिक और व्यक्तिगत कठिनाईयों, सामाजिक सुरक्षा सहित सामाजिक उत्थान में सरकार, शैक्षिक संस्थानों, धार्मिक संस्थाओें, औद्योेगिक प्रतिष्ठानों की भूमिका पर विशेष रूप से विषय विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा और मंथन होगा एवं विस्तृत रूप से प्राप्त प्रस्तावों को भारत शासन एवं सम्बंधित विभागों को कांफ्रेंस के बाद भारत के राष्ट्रपति एवं प्रधामंत्री एवं गृहमंत्री आदि को व्यक्तिगत रूप से अनुशंसाऐं प्रदान कर उन पर अमल करने हेतु आग्रह किया जाएगा।

