जबलपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज मिंटो हाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों से मीडिया को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की है। मध्य प्रदेश में श्रमिकों के हित में भी अनेक उल्लेखनीय कार्य हुए हैं प्रसन्नता का विषय है कि भारत की संसद ने विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 (विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025) को पारित किया है। यह विधेयक मनरेगा में व्यापक वैधानिक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है, जो ग्रामीण रोज़गार को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक विजन के साथ संयोजित करेगा तथा जवाबदेही, बुनियादी ढांचे के परिणामों और आय सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।गांव के विकास के बिना प्रदेश और राष्ट्र के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारा सौभाग्य है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में ग्राम विकास है। उनकी भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग का उत्तरदायित्व मिला है। हमारी सरकार ने विगत दो वर्षों में जो कार्य किए हैं उनकी जानकारी इस प्रकार है :-
तीनों स्तर की पंचायतों के कार्यालय भवनों हेतु स्वीकृतियां प्रदान कीं तथा उनकी डिजाइन में परिवर्तन भी किया ताकि भविष्य में उनके ऊपरी मंजिलों का भी निर्माण किया जा सके।
2472 अटल ग्राम सेवा सदनों (ग्राम पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 922.20 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
106 अटल सुशासन भवनों (जनपद पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 557.08 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
05 अटल जिला सुशासन भवनों (जिला पंचायत भवनों) के निर्माण हेतु 49.98 करोड़ की राशि स्वीकृत की।
जीवनदायिनी माँ नर्मदा के परिक्रमा पथ को सुगम बनाना हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। इस हेतु आश्रय स्थलों के निर्माण हेतु 231 स्थल चिन्हित किए गए हैं। इन स्थलों पर प्रथम चरण में पौधारोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 4.13 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। 19 स्थलों पर आश्रय स्थलों एवं यात्री प्रतिक्षालय के निर्माण हेतु 10.5 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन आश्रय स्थलों का निर्माण पर्यटन विकास विभाग के माध्यम से प्रारंभ भी हो चुका है ।नदियों एवं जलवायु का संरक्षण हम सभी की सामूहिक चिंता का विषय है। मैंने प्रदेश की 106 नदियों के उद्गम स्थलों तक की यात्रा की है। हमारी सरकार इन उद्गम स्थलों को संरक्षित एवं संवर्धित करने का प्रयास कर रही है। हमने 89 नदियों के उद्गम स्थलों पर पौधरोपण कार्य हेतु फेंसिंग के लिए 2.92 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।प्रदेश के पुराऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण भी हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। हमने तामिया एवं भीमबेटिका क्षेत्र के विकास हेतु मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम को 2 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है।प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाटों को सुव्यवस्थित करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। इसके लिए दिसंबर, 2026 तक की समय सीमा भी तय की है। इस अवधि में सभी श्मशान घाटों को अतिक्रमण मुक्त करवाकर फेंसिंग उपरांत उनमें पौधरोपण करना तथा उन्हें मुख्य सड़क से एप्रोच रोड बनाकर जोड़ने का कार्य इस अवधि में किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में प्रदेश ने उल्लेखनीय कार्य किया है इसके प्रथम चरण में 72975 किलोमीटर लंबाई की 18948 सड़कों का निर्माण किया गया द्वितीय चरण में 4891 किलोमीटर की 373 सड़कों का निर्माण हुआ तथा तीसरे चरण में 11886 किलोमीटर की 984 सड़कों का निर्माण किया गया। विगत दो वर्षों में इन तीनों चरणों में 913 किलोमीटर लंबाई की सड़क तथा 305 फूलों का निर्माण किया गया है।

