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भोलेनाथ कैद से हुए आजाद ।

संवाददाता सतीश रावत

धार । ग्राम खलघाट पंचायत की ये घटना है,जो कि धार जिला के अंतर्गत आती है,यहां नमर्दा तट के पास बाबा अमरनाथ का एक मंदिर है, सूत्रों से ज्ञात हुआ कि ये मंदिर किसी श्रद्धालु ने उसकी जमीन पर बनवाया था,उसके बाद गुजरात में बांध बनने के कारण यह डूब छेत्र घोषित हो गया जिसका मुआवजा भी मंदिर मालिक को मिल गया ,उसके बाद यहां किसी गुड्डू को बाबा बनाकर बिठा दिया गया इस बाबा ने भक्त जनों को मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी उसके बाद ग्रामीणों  में इस बात को लेकर बहुत रोष में थे, अनेकों बार शासन प्रशान  को आवेदन निवेदन भी किए, डूब प्रभावित छेत्र के अधिकारियों को भी आवेदन किए लेकिन कोई कार्यवाही या सुनवाई  नहीं हुई , ग्रामीणों द्वारा एन  वी डे  के मुख्यालय जी आर ए इंदौर  को पत्र लिखा उसके बाद 13 मई 2026 को एन वी डे अधिकारी गजेन्द्र सिंह मंडलोई के नेतृत में कार्यवाही की गई , मौका स्थान पर पटवारी, एन वी डे अधिकारी एवं ग्राम वासियों की मौजूदगी में कार्यवाही की गई और मंदिर में जो प्रवेश पर रोक लगाई गई थी हटाई गई, यहां ग्राम वासियों का कहना था कि जिस दिन कार्यवाही हुई उस दिन ग्राम सचिव,सरपंच मौजूद नहीं हुए, मंदिर में भक्तजनों का प्रवेश से सभी ग्राम वाशी बहुत खुश है,लेकिन अभी भी अनेकों प्रश्न है कि जब डूब प्रभावित को यहां की राशि मिल गई है तो उसका इस स्थान पर मालिकाना हक क्यों,इस सम्बंध में जब संबधित अधिकारी से बात की तो उनका कहना था कि इसकी जांच करेंगे अब सवाल यही है कि क्या एन वी डे अधिकारी को इस बारे कोई जानकारी नहीं की   जिसने यह मंदिर बनवाया उसे सरकार द्वारा राशि दी या नहीं, सूत्रों का कहना है कि इसी प्रकार डूब प्रभावित छेत्र में क्रय विक्रय भी हो रहा है, यानी जिन्हें डूब की राशि मिल गई उन्होंने जमीन बेच दी और वहा  पुनः नव निर्माण कर दिया गया , जो गंभीर विषय है इसकी जानकारी ग्राम सचिव सेवक राम को भी होनी चाहिए क्यों कि नव निर्माण में ग्राम पंचायत की स्वीकृति लगती है, जिसकी जांच होनी चाहिए,इस संबंध में जब पटवारी विजय खोड़े से जानने की कोशिश की तो उनका कहना था इस बारे में तहसीलदार साहब बता पाएंगे,
यानी अभी भीं संपूर्ण समस्या का समाधान नहीं हुआ है,लेकिन एक बात अच्छी हुई कि भक्त जनों को बाबा के दर्शन की आजादी मिल गई।

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