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राजस्व विभाग गांधी के बंदर बन बैठा ,

संवादाता सतीश रावत इंदौर संभाग,
                                                                                          न बोलो न सुनो न देखो, इन्हीं कारणों से आज संपूर्ण भारत में अतिक्रमण ,लैंड जिहाद आदी खुलेआम चल रहा है,उसका प्रमाण तहसील धर्मपुरी जिला धार म. प्र

धार। में देखने को मिला यहां शासकीय , निजी भुमि पर अतिक्रमण कारी खुलेआम कब्जा कर राज्य सरकारों को चुनौती दे रहे है,यह सब इसलिए हो रहा है क्यों कि संबंधित अधिकारियों की मिली भगत है, नहीं तो कोई कैसे इस प्रकार कही भी कब्जा कर सकता है,इसका प्रमाण ग्राम पंचायत खेलखुर्द में देखने को मिलता है, यहां निजी भुमि मालिक अपनी जमीन को खाली कराने के लिए वर्षों से चप्पल घिस रहा है, और संबंधित अधिकारी जांच करने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है,वर्तमान में ग्राम पंचायत खलखुर्द में ही इस प्रकार के अनेकों प्रकरण  लम्बित पड़े है,सूत्रों से ज्ञात हुआ कि इस पंचायत के अंतर्गत गाजीपुरा में N H -3 राष्ट्रीय राज मार्ग पर सर्वे क्रमांक 83/1/1, जो कि पी डब्ल्यू की जगह  है, उस पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर पक्का निर्माण किया उसके बाद पट्टे के लिए राजस्व विभाग को आवेदन किया इस पर वर्ष 2022/23में पटवारी विजय खोड़े द्वारा ड्रोन द्वारा सर्वे किया गया उसके बाद इनका ट्रांसपर हो गया उसके बाद पटवारी राहुल ठाकुर द्वारा वर्ष 2025  में  जी टी किया और स्वामित्व योजना के अंतर्गत जबलपुर से स्वीकृत करवाया जिस में गाजीपुरा,खलबुजुर्ग, खल खुर्द शामिल थे, इस संबंध में जब संवादाता ने पटवारी राहुल ठाकुर से फोन पर संपर्क किया तो उनका कहना था कि मैने ऐसा कोई कार्य नहीं किया यह सब पटवारी विजय खोड़े के समय हुआ ,अब सवाल यही है कि किसी के भी समय हुआ लेकिन क्या यह सब संवैधानिक है,इस बारे में जब प्रमोद सिंह गुर्जर एस डी एम से फोन पर बात करना चाहा तो फोन नहीं उठाया गया, इसी प्रकार कृष्णा पटेल नायब तहसीलदार से संपर्क करने की कोशिश करी तो वह भी व्यस्त थे,इन दोनों अधिकारियों को संवादाता ने वाट्सअप पर भी मौका स्थल का वीडियो बनाकर भेजा लेकिन उसे देखने तक का समय नहीं है , सूत्रों से ज्ञात हुआ कि प्रमोद सिंह गुर्जर एस डी एम गरीब कमजोर लोगो की समस्याओं पर ध्यान नहीं देते है,इसका प्रमाण भी मिला है,इसी पंचायत के ग्राम सचिव द्वारा एक निजी भूमी पर पट्टा जारी कर दिया था उसके लिए भूमि स्वामी श्रीराम पाटीदार  द्वारा पट्टा निरस्त करने के लिए  वर्ष  2022 मे। पंचायत ,तहसीलदार, एस डी एम,कलेक्टर को अनेकों बार आवेदन निवेदन किए लेकिन न्याय की आशा में दुनिया से चले गए लेकिन उनके निवेदन पर किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया,उसके बाद बेवा कुसुम पति श्रीराम पाटीदार ने वर्ष 2026 में प्रमोद सिंह गुर्जर को आवेदन किया तो वहीं जांच का आदेश देकर आश्वाशन दिया  कि इस पर जल्द कार्यवाही होगी लेकिन आज दिनांक तक कोई जांच नहीं हुई, सूत्रों की माने तो तहसील धरमपुरी में केवल धन, बल ,नेताओं की ही सुनी जाती है,इसके भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रमाण मौजूद है,
धरमपुरी तहसील की कार्यप्रणाली काफी चर्चा में रही है,सवाल यह है किया इस प्रकार इन भ्रष्टाचारियों , कामचोरों के लिए कोई कानून नहीं है,क्या इसी प्रकार आम जनता न्याय के लिए विवश होकर भटकता रहेगा और आखिर कब तक

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