उज्जैन। जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत वर्ष 2025-26 में अमृत सरोवर निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। यह कार्य लगभग ₹38.00 लाख की स्वीकृत राशि से पूर्ण किया गया है।कार्य के अंतर्गत मुख्य रूप से तालाब का उत्खनन , पाल निर्माण , पिचिंग तथा वेस्ट वियर निर्माण किया गया है। वर्तमान में कार्य पूर्ण हो चुका है तथा आगामी वर्षा ऋतु में इसमें वर्षा जल का संग्रहण प्रारंभ होगा।निर्मित अमृत सरोवर का *जल भराव क्षेत्र लगभग 16,000 वर्गमीटर* तथा *अनुमानित जल भंडारण क्षमता लगभग 32,000 घनमीटर* है। यह संरचना आगामी वर्षों में ग्राम के लिए जल संग्रहण का महत्वपूर्ण स्रोत सिद्ध होगी।
वर्षा ऋतु के उपरांत अमृत सरोवर में संग्रहित जल का उपयोग ग्राम के कृषकों द्वारा सिंचाई कार्यों हेतु किया जाएगा। अनुमानित रूप से ग्राम एवं आसपास के क्षेत्र के *25 से 30 कृषक परिवार इस संरचना से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित* होंगे। इससे *किसानों को रबी एवं अन्य फसलों की सिंचाई हेतु अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की संभावना रहेगी, जिससे कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि होगी अमृत सरोवर के जल संचयन से क्षेत्र में भू-जल पुनर्भरण (*Ground Water Recharge*)को बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में इसके प्रभाव से आसपास स्थित कुओं एवं बोरवेलों के *जल स्तर में सुधार* होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ेगी एवं जल संकट की स्थिति में कमी आएगी।इसके अतिरिक्त अमृत सरोवर के आसपास ब्लॉक प्लांटेशन किए जाने की भी योजना है। इसमें 400 पौधे लगाए जाएंगे !प्रस्तावित वृक्षारोपण क्षेत्र की सिंचाई हेतु अमृत सरोवर के जल का उपयोग किया जाएगा, जिससे पौधों के संरक्षण एवं उनकी बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी। इससे क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ेगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा जल एवं वन संरक्षण का समन्वित मॉडल विकसित होगा।मनरेगा अंतर्गत निर्मित यह अमृत सरोवर केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण विकास का एक सशक्त उदाहरण है। यह कार्य भविष्य में ग्राम राज्य को जल आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने तथा सतत कृषि विकास को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।साथ ही मत्स्य पालन की दृष्टि से भी ये अमृत सरोवर कारगर साबित होगा !इस तालाब के निर्माण में अहम् योगदान चावंड पंचायत के सरपंच राजूबाई रतन सिंह आंजना ,सचिव सुरेशचंद्र सिसोदिया ,सहायक सचिव विक्रम चौधरी,उपयंत्री जयप्रकाश मीना ,सहायक यंत्री हिदायत खान की भूमिका प्रमुख रूप से रही ।


