अलीराजपुर। नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन दिवस पर एक गंभीर और दुखद घटना सामने आई है। कथा वाचक एवं आध्यात्मिक गुरु पूज्य जितेंद्र जी महाराज तथा चौहान परिवार के सान्निध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान अज्ञात बदमाशों ने कथा ग्रंथ (पोथी) के साथ-साथ दानपेटी में रखी धनराशि भी चोरी कर ली। घटना के बाद श्रद्धालुओं और नगरवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार कथा के अंतिम दिन कलश यात्रा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी दौरान कथा स्थल से श्रीमद्भागवत ग्रंथ और नकद राशि गायब होने का पता चला। घटना की जानकारी मिलते ही आयोजन समिति और श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया।श्रद्धालुओं का कहना है कि हीरे, मोती, पैसे और अन्य कीमती वस्तुओं की चोरी की घटनाएं तो अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन किसी धार्मिक आयोजन से पवित्र श्रीमद्भागवत ग्रंथ की चोरी होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताया है। नगरवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन और पुलिस से तत्काल जांच कर चोरी हुए ग्रंथ एवं धनराशि की बरामदगी तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


