नौशाद नूर रिपोर्ट बुरहानपुर से
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर शहर मे भाजपा सरकार द्वारा देश की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जन-कल्याणकारी योजना “महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा)” का नाम बदलने के जनविरोधी निर्णय के खिलाफ रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी बुरहानपुर द्वारा गांधी प्रतिमा के पास जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टॉक ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों, उनके श्रम-सम्मान और गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने के दर्शन का जीवंत प्रतीक है। भाजपा सरकार जानबूझकर इस योजना से गांधी जी का नाम हटाकर न केवल उनके विचारों को मिटाने की कोशिश कर रही है, बल्कि देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और किसानों के संवैधानिक अधिकारों पर भी सीधा हमला कर रही है।
रिंकू टॉक ने कहा कि यह पूरी तरह से सुनियोजित राजनीतिक साजिश है। भाजपा सरकार एक तरफ तो गांधी जी के नाम का दिखावटी सम्मान करती है और दूसरी तरफ उन्हीं गांधी जी के नाम से जुड़ी सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना से उनका नाम हटाने का काम कर रही है। यह भाजपा का दोहरा चेहरा है, जिसे देश की जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है।
रिंकू टॉक ने आगे कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा के तहत अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों से बचने के लिए राज्यों पर हिस्सेदारी का अतिरिक्त बोझ डाल रही है। यह सीधे-सीधे गरीबों के कानूनी अधिकार पर हमला है। मनरेगा कोई दया या भीख नहीं, बल्कि संसद द्वारा पारित योजना है, जो ग्रामीण भारत के लोगों को काम का अधिकार देती है। भाजपा सरकार इस अधिकार को कमजोर करना चाहती है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक भाजपा सरकार अपना यह जनविरोधी फैसला वापस नहीं लेती, तब तक कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।

