गुना। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज बाल भिक्षावृत्ति रोकथाम हेतु गठित महिला एव बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा हनुमान चौराहे, जयस्तंभ चौराहा, जज्जी बस स्टैण्ड, आरोन बस स्टैण्ड तथा रेलवे स्टेशन पर जाकर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कोई भी बच्चा भिक्षावृत्ति करते हुये नही पाया गया। इसके पश्चात टीम द्वारा गोकुल सिंह का चक क्षेत्र में जाकर भिक्षावृत्ति में लिप्त सभी बच्चों व संरक्षकों को समझाईश देते हुये बताया गया कि भविष्य में अगर कोई भी बच्चा भिक्षावृत्ति करता पाया गया तो संरक्षको पर वैधानिक व कानूनी कार्रवाई कि जायेगी।
बाल संरक्षण अधिकारी मबावि विजय साहू द्वारा आमजन को अवगत कराया गया कि बाल भिक्षावृत्ति एक अपराध है, जिसमें भिक्षा लेना व भिक्षा देना दोनों अपराध है। बाल अधिनियम 1960 की धारा 42 के अनुसार जो कोई भी किसी बच्चे को भिक्षावृत्ति के लिए प्रेरित करता है, तो उसे 7 से 10 वर्ष तक की कैद एवं 5 लाख तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। उन्होंने आमजन को बताया कि यदि बाल भिक्षावृत्ति करते हुए कोई बालक बालिका पाया जाये तो चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 पर सूचना दे सकते है।


