उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने प्रोफ़ेसर डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानंद व्यास को “सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन विशिष्ट लाइफ साइंटिस्ट अवार्ड 2025′ से अलंकृत कर वैज्ञानिक सारस्वत सम्मान से सम्मानित किया। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों के वैज्ञानिकों को ‘जीवन-पर्यन्त उपलब्धि सम्मान’ तथा देश के कोने-कोने से आए 25 श्रेष्ठ जीव वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन द्वारा विज्ञान के शिखर पुरुष, डॉ. हरस्वरूप जी का 103वाँ जन्मोत्सव ” अकादमिक समारोह 2025″ संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह के साथ स्मृति दिवस के रूप में मनाया गया।
प्राणिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला के सभागार में आयोजित इस समारोह में प्रो. तेज प्रकाश पूर्णानंद व्यास को विज्ञान के क्षेत्र में भारत में उत्कृष्ट कार्य से विश्वविद्यालय का अलंकरण प्रदान किया गया। साथ ही राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि अलंकरण से सम्मानित “डॉ. तेज प्रकाश व्यास गत 14 वर्षों से “डॉ. हरस्वरूप जैव विज्ञान अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ पर वैज्ञानिकों का यह समारोह आयोजित करते आ रहे हैं, जो इसलिए भी ऐतिहासिक है कि यह गुरु के प्रति समर्पण का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।”
प्रो. भारद्वाज ने कहा कि डॉ. हरस्वरूप जी इसी विश्वविद्यालय के रहे हैं और 1981 में उनके निर्वाण के 45 वर्ष बाद भी उनकी स्मृति दिवस को यादगार बनाए रखना बहुत ही गौरव की बात है।
समारोह की अध्यक्षता सनातन धर्म के पुरोधा देवेन्द्र कुमार मेहता ने की। कार्यक्रम के प्रणेता प्रो. हरस्वरूप ग्लोबल फाउंडेशन के अध्यक्ष व वैश्विक एंटी-एजिंग तथा अंतर्राष्ट्रीय जैव वैज्ञानिक, डॉ. तेज प्रकाश व्यास ने अपने सम्मान के प्रत्युत्तर में कहा कि सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय देश का ऐसा विश्वविद्यालय है जो विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। आपने ‘डॉ. हरस्वरूप जी का विज्ञान जगत को अवदान’ के बारे में कहा कि डॉ. हरस्वरूप जी के 1950 के दशक में किए गए आनुवांशिकी विषय के शोध ने विश्व के वैज्ञानिकों को शोध की नई दिशा प्रदान की। वे 20वीं शताब्दी के अप्रतिम आनुवांशिकी अभियंता, आणविक जीवविज्ञानी तथा विकासात्मक जीवविज्ञानी थे।
समारोह के प्रारंभ में कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज एवं समस्त वैश्विक विशेषज्ञों ने डॉ. हरस्वरूप जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और प्राणिकी अध्ययन शाला के ऑडिटोरियम में मां सरस्वती के समक्ष दीपदीपन के उपरान्त मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस आयोजन में डॉ. हरस्वरूप लाइफटाइम अचीवमेंट ऑफ एक्सीलेंस 2025 से राष्ट्र निर्माण और मानव कल्याण के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले वैज्ञानिक डॉ. आशा खन्ना (मानव आनुवंशिकी, जबलपुर), डॉ. एस. सी. जी कोठारी (मत्स्य विज्ञान, उज्जैन), डॉ. शरद श्रीवास्तव (जल प्रदूषण निवारण, उज्जैन), डॉ. नरेन्द्र कुमार कौशिक (जैव विज्ञान, भोपाल), डॉ. मोहन प्रकाश अरोरा (सरीसृप एवं पक्षी विज्ञान, गाजियाबाद), और डॉ. जी एस टुटेजा (साइटोजेटिक्स, दिल्ली, NCR) को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही ‘डॉ. हरस्वरूप उत्कृष्टता अभिनन्दन प्रमाण पत्र लिगेसी (विरासत) सम्मान 2025’ द्वारा श्री देवेन्द्र कुमार मेहता, इंदौर एवं अलका कुमारी, उज्जैन को विभूषित किया गया।
इसके अलावा ‘डॉ. हरस्वरूप राजदूत सम्मान’ से देश के कोने-कोने से आए 25 श्रेष्ठ जीव वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इनमें उज्जैन से डॉ. सलिल सिंह, डॉ. संतोष ठाकुर, डॉ. शिवी भसीन, डॉ. गरिमा शर्मा, श्री काजल कुमार नंदी, डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय, श्री प्रमोद शिवेश चन्द्र व्यास, हेमा अम्बर व्यास, सतना से डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह, धार से डॉ. डी. एस. वाकेल, डॉ. भगवान पटेल, डॉ. ताराचंद नारगावे, डॉ. लक्ष्मी बघेल, प्रोफ़ेसर प्रतिभा पहाड़े, अलीराजपुर से डॉ. सुरजीत सिंह जाट और डॉ. राजकुमार जामरा तथा उत्तर प्रदेश से डॉ. अवधेश, डॉ. पद्मा सक्सेना (लखनऊ), डॉ. कविता सिरोही (बिजनौर) और इंदौर से डॉ. पद्मजा नायडू प्रोफ़ेसर डॉ. दीपाली अंब प्रसाद तथा अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक शामिल थे। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री देवेंद्र मेहता ने कहा कि गुरु की महिमा: ज्ञान और करुणा का सर्वोच्च शिखर है। गुरु वह प्रेरणास्रोत हैं जो शिष्य के जीवन में करुणापूर्ण दृढ़ता और अखंड ज्ञान का संचार करते हैं। समारोह के अंत में अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष डॉ. सलिल सिंह ने आभार प्रदर्शन किया।
कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने डॉ. तेज प्रकाश पूर्णानंद व्यास को “सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन विशिष्ट लाइफ साइंटिस्ट अवार्ड 2025′ से अलंकृत कर वैज्ञानिक सारस्वत सम्मान से सम्मानित किया

