मंदसौर / इंदौर। मंदसौर जिले के गरोठ में पदस्थ जॉइंट कलेक्टर राहुल चौहान पर उनकी पत्नी निर्मला चौहान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इंदौर के महिला थाने में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज होने के बाद अब पीड़िता ने पति पर जबरन गर्भपात कराए जाने, पद का दुरुपयोग, और लगातार मारपीट जैसी भयावह बातें सार्वजनिक की हैं।
गुड़ में गर्भपात की गोलियां मिलाकर खिलाने का आरोप
निर्मला ने बताया कि पति ने उन्हें यह कहकर गुड़ खिलाया कि इससे बेटा होगा, जबकि वास्तव में उसमें गर्भपात की गोलियां मिलाई गई थीं।

जब इसका असर नहीं हुआ तो उन्हें साज़िशन इंदौर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराकर गर्भपात कराया गया।
35 दिन अस्पताल में भर्ती, 20 दिन वेंटिलेटर पर — “कानों में आकर बोलता था, तू मरती क्यों नहीं?”
पीड़िता ने बताया कि 2019 में शादी के बाद उनके साथ प्रताड़ना लगातार बढ़ती गई।
एक बार जबरन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ड्रिप चढ़ने के बाद गर्भपात के लक्षण शुरू हुए। हालत बिगड़ने पर उन्हें बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर शिफ्ट किया गया, जहां वे 35 दिन भर्ती रहीं और 20 दिन वेंटिलेटर पर रही।
निर्मला का कहना है:
“वेंटिलेटर पर पड़ी थी… वह मेरे कान में झुककर कहता— इतनी प्रताड़ना के बाद भी तू मरती क्यों नहीं?”
पद का दुरुपयोग और घर में प्रताड़ना
निर्मला ने आरोप लगाया कि:
- पति शराब के नशे में मारपीट करता था
- सरकारी क्वार्टर में बिना राशन-पानी के छोड़ देता
- एक बार रसोई का चाकू गले पर रखकर जान से मारने की धमकी दी
- कई महिलाओं से संबंध होने के शक पर उन्हें बेरहमी से पीटा
- धामनोद के मराल फैक्ट्री गेस्ट हाउस में अकेले जाने पर बाल पकड़कर घसीटा
पीड़िता का कहना है कि पति सीएम हेल्पलाइन के प्रभारी हैं, इसलिए उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई— चाहे उन्होंने टीआई को शिकायत दी हो या PMO को।
वकील बोले — “यह साधारण गर्भपात नहीं, योजनाबद्ध साजिश है”
पीड़िता के अधिवक्ता प्रवीण कचोले ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ दहेज प्रताड़ना की धाराओं में केस दर्ज किया है, जबकि आरोप बेहद गंभीर हैं।
उनके अनुसार:
“यह योजनाबद्ध साजिश थी। गर्भपात का उद्देश्य पत्नी की जान लेना था। कोर्ट में आवेदन देकर गंभीर धाराएं जोड़ने और पूरक चालान की मांग की जाएगी।”
आगे की कार्रवाई
वकील कोर्ट में आवेदन दे रहे हैं कि:
- हत्या के प्रयास,
- गलत साक्ष्य छिपाने,
- स्त्री के साथ क्रूरता,
- एवं गर्भपात की गंभीर धाराएं
मामले में जोड़ी जाएं।

