(विदिशा से गोविंद शर्मा की रिपोर्ट) विदिशा चिरोडिया धाम में खुदाई के दौरान एक धातु की छोटी हनुमान प्रतिमा निकली भारत सनातनी संस्कृति ओर परंपरा की देव भूमि है यहाँ आये दिन किसी ना किसी चमत्कार की चर्चाएँ जोर शोर से होती है जिनमे कुछ घटनाएँ सही होती है ओर कुछ गलत आज ऐसे ही एक चमत्कार की चर्चा विदिशा शहर के पास के एक गाँव से आयी जहाँ पर्चे पर समस्या लिखकर दीन दुखियों के दुःख को दूर करने का दावा करने बाले चिडौरिया धाम सरकार के पीठाधीश पंडित अंशुल शास्त्री के सपने के आधार पर धाम के सैकड़ों श्रद्धालुओं के सामने गोशाला की भूमि की लगभग दस फ़ीट गहरी खुदाई कर धातु की एक छोटी हनुमानजी की प्रतिमा निकाली गई खुदाई के समय प्रत्यक्षदर्शीओं के कहे अनुसार गड्ढा लगभग दस फ़ीट गहराई पर पहुँचते ही खुदाई करने बाली गेंती टूट गयी ओर फिर हनुमान जी प्रकट हो गये पंडित अंशुल शास्त्री ने बताया की उन्हें पिछले आठ दस दिनों से सपना आ रहा था जिसमें उन्हें एक मूर्ति दिखाई दे रही थी तो उन्होंने श्रद्धालुओं से सपने की चर्चा की तो लोगों ने कहा पंडित जी चलो चलकर वहाँ खुदाई करके देखते हैं जब खुदाई कराई गई तो वहाँ हनुमान जी प्रकट हो गए कई लोगों द्वारा कहा गया कि पहले से ही मूर्ति को भूमि के अंदर गाड़ दिया होगा इसके जवाब में अंशुल शास्त्री जी का कहना है की इसकी पुरातात्विक जाँच करा लो मूर्ति पहले से ही भूमि के अंदर मौजूद थी इसी स्थान पर चबूतरा बना कर प्रतिमा को प्रतिष्ठित किया जाएगा ओर इसके अभिषेक के जल को सिर्फ़ एक बार पीने से ही सभी तरह के जटिल ओर असाध्य रोगों से रोगी को हनुमान जी की कृपा से मुक्ति मिलेगी
विदिशा चिरोडिया धाम में खुदाई के दौरान एक धातु की छोटी हनुमान प्रतिमा निकली

