रितिक सोनगरा रिपोर्ट
बैतूल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों की कड़ी में बैतूल जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल के पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित चिकित्सा महाविद्यालय का विधिवत शिलान्यास कर प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया।
यह प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज न केवल बैतूल जिले बल्कि संपूर्ण नर्मदापुरम संभाग के लिए स्वास्थ्य शिक्षा का केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा और स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही शिक्षण, चिकित्सा एवं सहायक सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान विकास को गति देते हुए ₹57.11 करोड़ की लागत से 121 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया, वहीं ₹26.75 करोड़ की लागत से पूर्ण हुए 16 विकास कार्यों का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को कुल ₹83.86 करोड़ से अधिक की विकास सौगातें प्रदान की गईं। इन कार्यों से आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसुविधाओं में व्यापक सुधार होगा।
केंद्रीय मंत्री श्री जे.पी. नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल कॉलेज के मॉडल, विभागीय प्रदर्शनी तथा विभिन्न विकासात्मक स्टॉल्स का अवलोकन कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा में निवेश ही सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव है।
प्रदेश सरकार का यह प्रयास स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मध्यप्रदेश अब केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके धरातलीय क्रियान्वयन के माध्यम से आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। बैतूल में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

